उच्च माध्यमिक स्तर के विज्ञान संकाय में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की हीनभावना का अध्ययन
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Abstract
हीन भावना अपर्याप्तता की एक तीव्र और गहरी भावना है जो व्यक्ति दूसरों को खुद से अधिक सक्षम समझने और किसी समस्या पर काबू पाने के लिए तैयार न होने के बारे में अनुभव करता है। विभिन्न कुसमायोजन सहित मानव व्यवहार के कई रूप हीनता की भावनाओं के लिए क्षतिपूर्ति हैं। ऐसी क्षतिपूर्ति के दौरान कुसमायोजित व्यक्ति खुद को हीनता की ऐसी भावनाओं से मुक्त करने और दूसरों पर वास्तविक या काल्पनिक शक्ति प्राप्त करने का प्रयास करता है। इस अध्ययन में यह समझने का प्रयास किया गया हैं कि कैसे अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों में हीनभावना का विकास होता हैं। शोध हेतु स्वनिर्मित उपकरण बनाया गया तथा 400 का न्यादर्श लेकर विश्लेषण कर निम्नलिखित निष्कर्ष प्राप्त हुएः- उच्च माध्यमिक स्तर पर राजकीय एवं निजी विद्यालयों के विज्ञान वर्ग के अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की हीन भावना में कोई सार्थक अन्तर नहीं है। उच्च माध्यमिक स्तर पर विज्ञान वर्ग के अनुत्तीर्ण बालक एवं बालिकाओं की हीन भावना में कोई सार्थक अन्तर नहीं है।