डॉ. मन्नू भंडारी की रचनाएं एवं नारी जीवन
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हिंदी साहित्य के आधुनिक युग में डॉ. मन्नू भंडारी का नाम एक सशक्त, प्रगतिशील और यथार्थवादी लेखिका के रूप में स्थापित है। उनके साहित्य में नारी जीवन के विविध पक्षों – संघर्ष, अस्मिता, अधिकार, पारिवारिक जटिलताएं तथा सामाजिक बेड़ियाँ – का गहन चित्रण मिलता है। उन्होंने अपने उपन्यासों, कहानियों और नाटकों के माध्यम से नारी के अंतर्मन की व्यथा, सामाजिक अपेक्षाओं का बोझ, तथा स्वतंत्रता की आकांक्षा को बहुत ही संवेदनशील और यथार्थपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया है। यह शोध-पत्र डॉ. मन्नू भंडारी की रचनाओं के माध्यम से नारी जीवन के विविध आयामों का विश्लेषण करता है।
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