ब्लेंडेड लर्निंग के माध्यम से सामाजिक विज्ञान एवं विज्ञान शिक्षा में विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धि का संवर्धन

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नेहा कुमारी, रेणु कुमारी

Abstract

वर्तमान डिजिटल युग में शिक्षा पद्धतियों का पुनर्मूल्यांकन अत्यंत आवश्यक हो गया है, विशेषकर उन विषयों में जहाँ विद्यार्थियों के लिए संज्ञानात्मक सोच, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण और अवधारणात्मक स्पष्टता अनिवार्य होती है। सामाजिक विज्ञान और विज्ञान ऐसे ही विषय हैं, जो न केवल जानकारी प्रदान करते हैं बल्कि विद्यार्थियों को तार्किक, आलोचनात्मक और व्यवहारिक चिंतन की दिशा में प्रेरित करते हैं। पारंपरिक शिक्षण पद्धतियाँ प्रायः व्याख्यान और पाठ्यपुस्तक तक सीमित रहती हैं, जिससे विद्यार्थियों की सक्रियता और सहभागिता प्रभावित होती है। इसी परिप्रेक्ष्य में “ब्लेंडेड लर्निंग” एक प्रभावी शिक्षण रणनीति के रूप में सामने आती है, जिसमें पारंपरिक कक्षा शिक्षण को डिजिटल साधनों जैसे सिमुलेशन, आभासी प्रयोगशाला, एनिमेटेड वीडियो और इंटरैक्टिव मानचित्रों से जोड़ा जाता है। इस शोध पत्र में माध्यमिक स्तर पर सामाजिक विज्ञान और विज्ञान विषयों में विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धि पर ब्लेंडेड लर्निंग के प्रभाव का मूल्यांकन किया गया। इसके लिए अर्ध-प्रयोगात्मक डिज़ाइन का उपयोग करते हुए दो समूहों, नियंत्रण समूह और प्रयोगात्मक समूह की तुलना की गई। निष्कर्षों से स्पष्ट हुआ कि ब्लेंडेड लर्निंग अपनाने वाले विद्यार्थियों ने न केवल विषय को गहराई से समझा, बल्कि उनमें विषय के प्रति रुचि, आत्मविश्वास, सक्रिय सहभागिता और समस्या-समाधान क्षमता भी उल्लेखनीय रूप से विकसित हुई। यह अध्ययन शिक्षकों, पाठ्यक्रम निर्माताओं और शिक्षा नीति-निर्धारकों के लिए दिशा-निर्देशक है कि शिक्षा प्रणाली में ब्लेंडेड लर्निंग को औपचारिक रूप से सम्मिलित कर विद्यार्थियों की अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावशाली और जीवनोपयोगी बनाया जा सकता है।

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