शिक्षकों के व्यक्तित्व का उनकी शिक्षण प्रभावशीलता पर प्रभाव का अध्ययन

Main Article Content

ममता वैश्य, लुभावनी त्रिपाठी

Abstract

प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य माध्यमिक स्तर पर अध्यापनरत शिक्षकों के व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों और उनकी शिक्षण प्रभावशीलता के मध्य संबंध का अध्ययन करना तथा यह ज्ञात करना था कि व्यक्तित्व के विभिन्न आयाम संयुक्त रूप से शिक्षण प्रभावशीलता के पूर्वानुमान में किस सीमा तक योगदान करते हैं। अध्ययन के लिए वर्णनात्मक सहसंबंधात्मक शोध-विधि अपनाई गई। मूल शोध में उपलब्ध 400 शिक्षक-रिकॉर्डों में से इस शोध-पत्र हेतु 100 शिक्षकों का संतुलित उप-न्यादर्श लिया गया, जिसमें 25 शासकीय पुरुष, 25 शासकीय महिला, 25 अशासकीय पुरुष तथा 25 अशासकीय महिला शिक्षक सम्मिलित थे। व्यक्तित्व के मापन के लिए डॉ. महेश भार्गव की आयामी व्यक्तित्व सूची तथा शिक्षण प्रभावशीलता के मापन के लिए प्रमोद कुमार एवं डी. एन. मुथा की शिक्षक प्रभावशीलता मापनी का उपयोग किया गया। आँकड़ों के विश्लेषण के लिए माध्य, मानक विचलन, पियर्सन सहसंबंध गुणांक तथा बहु रैखिक प्रतिगमन विश्लेषण का प्रयोग किया गया। परिणामों में सक्रियता–निष्क्रियता, उत्साहशीलता–अनुत्साहशीलता एवं आत्मदृढ़ता–अधीनता का शिक्षण प्रभावशीलता से सार्थक सकारात्मक संबंध प्राप्त हुआ, जबकि संदेहशीलता–विश्वासशीलता, अवसादात्मकता–अनवसादात्मकता तथा संवेगात्मक अस्थिरता–संवेगात्मक स्थिरता का सार्थक ऋणात्मक संबंध पाया गया। व्यक्तित्व के छह आयामों ने संयुक्त रूप से शिक्षण प्रभावशीलता में पाई गई लगभग 44.5 प्रतिशत भिन्नता की व्याख्या की। निष्कर्ष यह संकेत करते हैं कि शिक्षक की शिक्षण प्रभावशीलता को समझने में व्यक्तित्व का महत्त्वपूर्ण पूर्वानुमानात्मक योगदान है, यद्यपि इन परिणामों को प्रत्यक्ष कारण–परिणाम संबंध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

Article Details

Issue
Section
Articles