नागपुर शहर की महिला घरेलू कामगारों की सामाजिक सुरक्षा समस्याएँ एवं संभावनाएँ
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Abstract
यह शोध-पत्र नागपुर शहर में कार्यरत घरेलू कामगार महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा की स्थिति, उनके सामने आने वाली प्रमुख समस्याओं तथा उपलब्ध सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और उनके प्रति जागरूकता का अध्ययन प्रस्तुत करता है। घरेलू कामगार महिलाएँ परिवारों की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, फिर भी उनका कार्यक्षेत्र प्रायः असंगठित होने के कारण उन्हें रोजगार की स्थिरता, उचित पारिश्रमिक, स्वास्थ्य सुविधा, मातृत्व लाभ, पेंशन, बीमा तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता। इस अध्ययन में नागपुर शहर की 100 घरेलू कामगार महिलाओं को नमूने के रूप में शामिल किया गया है। प्राथमिक आँकड़ों के लिए संरचित प्रश्नावली के माध्यम से जानकारी एकत्र की गई तथा आँकड़ों का वर्गीकरण, सारणीकरण और विश्लेषण किया गया। अध्ययन में महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, रोजगार की प्रकृति, आय, कार्य के घंटे, कार्यस्थल की परिस्थितियाँ, नियोक्ताओं के व्यवहार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी तथा योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की स्थिति का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि घरेलू कामगार महिलाओं के बीच सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संबंध में जागरूकता और उनका वास्तविक लाभ प्राप्त करने की स्थिति में अंतर पाया जाता है। अनियमित रोजगार, कम आय, योजनाओं की जानकारी का अभाव, दस्तावेजी प्रक्रियाओं की कठिनाई, सामाजिक एवं आर्थिक असुरक्षा तथा नियोक्ताओं पर निर्भरता उनकी प्रमुख समस्याओं में शामिल हैं। अतः घरेलू कामगार महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में प्रभावी रूप से लाने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों, सरल पंजीकरण प्रक्रिया, सरकारी योजनाओं की बेहतर पहुँच, स्वास्थ्य एवं बीमा सुविधाओं तथा श्रम अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है।