सामाजिक विज्ञान एवं विज्ञान शिक्षा में विद्यार्थियों की रूचि एवं सृजनात्मकता बढ़ाने में ब्लेंडेड लर्निंग की प्रभावशीलता का अध्ययन

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नेहा कुमारी, रेणु कुमारी

Abstract

यह शोध-पत्र का उद्देश्य सामाजिक विज्ञान एवं विज्ञान शिक्षा में विद्यार्थियों की रुचि और सृजनात्मकता बढ़ाने में ब्लेंडेड लर्निंग की प्रभावशीलता का अध्ययन करना है। आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में केवल पाठ्य-पुस्तक आधारित शिक्षण पर्याप्त नहीं माना जा सकता, क्योंकि विद्यार्थी अब ऐसे अधिगम-अनुभव की अपेक्षा करते हैं जो दृश्यात्मक, सहभागितापूर्ण, संवादात्मक और गतिविधि-आधारित हो। इसी संदर्भ में ब्लेंडेड लर्निंग एक महत्त्वपूर्ण शैक्षिक पद्धति के रूप में सामने आती है, जिसमें प्रत्यक्ष कक्षा-शिक्षण और डिजिटल अधिगम संसाधनों का संतुलित संयोजन किया जाता है। इस अध्ययन को अर्ध-प्रयोगात्मक शोध-डिज़ाइन के अंतर्गत संचालित किया गया। बिहार राज्य के दरभंगा जिले के दो माध्यमिक विद्यालयों से कुल 100 विद्यार्थियों को प्रतिदर्श के रूप में चुना गया। इनमें 50 विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक समूह तथा 50 विद्यार्थियों को नियंत्रण समूह में रखा गया। प्रयोगात्मक समूह को 30 दिनों तक ब्लेंडेड लर्निंग पद्धति से पढ़ाया गया, जबकि नियंत्रण समूह को पारंपरिक कक्षा-पद्धति से शिक्षण दिया गया। दोनों समूहों में सामाजिक विज्ञान और विज्ञान विषय के विद्यार्थी समान अनुपात में शामिल किए गए। रुचि और सृजनात्मकता को मापने के लिए विषय-विशेष रुचि मापनी, सृजनात्मक चिंतन परीक्षण, टैक्सोनॉमी आधारित प्रश्नावली तथा शिक्षक-अवलोकन प्रपत्र का उपयोग किया गया। प्राप्त आँकड़ों का विश्लेषण माध्य, मानक विचलन, टी-परीक्षण और एनोवा के आधार पर किया गया। परिणामों से स्पष्ट हुआ कि ब्लेंडेड लर्निंग ने सामाजिक विज्ञान एवं विज्ञान दोनों विषयों में विद्यार्थियों की रुचि और सृजनात्मकता को बढ़ाने में सकारात्मक एवं सार्थक प्रभाव डाला। अध्ययन से यह भी स्पष्ट हुआ कि डिजिटल वीडियो, इंटरैक्टिव मानचित्र, वर्चुअल प्रयोगशाला, क्विज़, समूह-चर्चा और गतिविधि-आधारित अधिगम विद्यार्थियों को अधिक सक्रिय, जिज्ञासु और सृजनशील बनाते हैं।

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