पूर्व माध्यमिक स्तर में कार्यरत शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ का उनकी कार्य संतुष्टि पर प्रभाव: जांजगीर-चांपा जिले का एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Main Article Content
Abstract
प्रस्तुत शोध-पत्र का प्रमुख उद्देश्य पूर्व माध्यमिक स्तर में कार्यरत शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ और उनकी कार्य संतुष्टि के मध्य संबंध तथा प्रभाव का विश्लेषण करना है। वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य में शिक्षक केवल ज्ञान-संप्रेषक नहीं, बल्कि विद्यालयी वातावरण, विद्यार्थी प्रेरणा और अधिगम-गुणवत्ता के केंद्रीय निर्धारक के रूप में स्थापित हैं। ऐसी स्थिति में शिक्षकों का मानसिक स्वास्थ उनकी कार्य-दक्षता, भावनात्मक संतुलन, निर्णय-क्षमता, कक्षा-व्यवहार तथा पेशागत संतुष्टि को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। हाल के अध्ययनों में यह रेखांकित किया गया है कि शिक्षक-कल्याण, कार्य संतुष्टि, आत्म-प्रभावकारिता, विद्यालयी सहयोग, कार्य-दबाव और मानसिक स्वास्थ्य परस्पर संबद्ध आयाम हैं; साथ ही शिक्षक-कल्याण पर हालिया शोधों में संकल्पनात्मक एवं पद्धतिगत विखंडन भी पाया गया है, जिससे इस क्षेत्र में अधिक संदर्भ-विशिष्ट शोध की आवश्यकता स्पष्ट होती है। प्रस्तुत अध्ययन में मात्रात्मक, वर्णनात्मक तथा सहसंबंधात्मक शोध-विधि का उपयोग प्रस्तावित है। जांजगीर-चांपा जिले के पूर्व माध्यमिक स्तर पर कार्यरत 400 शिक्षकों को उद्देश्यपूर्ण नमूना चयन विधि द्वारा चयनित किया जाएगा। मानसिक स्वास्थ के मापन हेतु मानकीकृत मानसिक स्वास्थ जाँच सूची तथा कार्य संतुष्टि के मापन हेतु मानकीकृत कार्य संतुष्टि मापनी का उपयोग किया जाएगा। आँकड़ों के विश्लेषण हेतु औसत, मानक विचलन, पियर्सन सहसंबंध गुणांक तथा सरल रैखिक प्रतिगमन का प्रयोग किया जाएगा। अध्ययन से अपेक्षा है कि मानसिक रूप से स्वस्थ शिक्षक अपनी भूमिका के प्रति अधिक सकारात्मक, संतुलित और संतुष्ट पाए जाएँगे। यह शोध शिक्षक-कल्याण, विद्यालयी वातावरण-सुधार तथा शिक्षा-प्रशासनिक नीतियों के लिए उपयोगी आधार प्रदान करेगा।