कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में सांवेगिक परिपक्वता सम्बन्धित समस्याओं का विश्लेषणात्मक अध्ययन (जयपुर जिले के संदर्भ में)
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Abstract
वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों का महत्व अत्यधिक बढ़ गया है। विशेष रूप से इंजीनियरिंग शिक्षा एवं मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों पर अत्यधिक मानसिक एवं भावनात्मक दबाव देखा जाता है। इस अध्ययन का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की सांवेगिक परिपक्वता से संबंधित समस्याओं का विश्लेषण करना तथा धारा (इंजीनियरिंग/मेडिकल) एवं लिंग (बालक/बालिका) के आधार पर तुलना करना है। प्रस्तुत शोध में जयपुर जिले के 300 विद्यार्थियों का चयन स्तरित यादृच्छिक विधि द्वारा किया गया, जिसमें 150 इंजीनियरिंग एवं 150 मेडिकल विद्यार्थी शामिल हैं। डेटा संकलन हेतु 40 प्रश्नों वाली स्वनिर्मित प्रश्नावली (Likert स्केल 1–5) का प्रयोग किया गया। अध्ययन के निष्कर्षों से ज्ञात हुआ कि विद्यार्थियों में तनाव, चिंता, भावनात्मक असंतुलन एवं आत्म-नियंत्रण की कमी प्रमुख समस्याएँ हैं। साथ ही, बालिकाएँ बालकों की अपेक्षा अधिक सांवेगिक परिपक्व पाई गईं।