संस्कृत रंगमञ्च के अभिनव आयाम एवं आधुनिक नाटककार
Main Article Content
Abstract
संस्कृत साहित्य की धारा निरन्तर प्रवाहित हो रही है। भारत में सम्राट् पृथ्वीराज के अनन्तर बारहवीं शताब्दी मुस्लिम शासनसत्ता स्थापित हो जाने के बाद राजदरबारों में अरबी-फारसी का वर्चस्व स्थापित हो गया, किन्तु संस्कृत में रचनाएँ होती ही रहीं। मुगलकाल में अनेक उत्कृष्ट महाकाव्य तथा अन्य रचनाएँ की गईं, जिनमें आसफविलासः, जहाँगीरचरितम्. शेकशुभोदयम्, पारसीकप्रकाश:, चिमनीचरितम् आदि मुख्य हैं।
Article Details
Issue
Section
Articles