दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के परिप्रेक्ष्य में भारत की पूर्व नीति: सुरक्षा एवं आर्थिक आयामों का विश्लेषणात्मक अध्ययन (2010–2022)
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Abstract
यह शोध-पत्र 2010 से 2022 के कालखंड में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संदर्भ में भारत की पूर्व नीति के सुरक्षा एवं आर्थिक आयामों का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। शीत युद्धोत्तर काल में वैश्विक शक्ति-संतुलन में आए परिवर्तनों, चीन के बढ़ते प्रभाव, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की रणनीतिक महत्ता तथा बहुपक्षीय सहयोग के नए स्वरूपों ने भारत की विदेश नीति को पुनर्परिभाषित करने के लिए प्रेरित किया। इस पृष्ठभूमि में भारत की ‘लुक ईस्ट नीति’ का रूपांतरण ‘एक्ट ईस्ट नीति’ के रूप में हुआ, जिसका उद्देश्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को सुदृढ़ करना रहा है।
प्रस्तुत अध्ययन में ASEAN देशों के साथ भारत के रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी प्रयासों तथा आर्थिक साझेदारी, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय संपर्क परियोजनाओं का समालोचनात्मक विश्लेषण किया गया है। शोध के निष्कर्ष यह संकेत करते हैं कि भारत की पूर्व नीति में सुरक्षा और आर्थिक आयाम परस्पर पूरक हैं और दोनों मिलकर क्षेत्रीय स्थिरता एवं भारत के रणनीतिक हितों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।